••● हमारे भीतर ही एक जगत है , हमारे भीतर ही ज्ञान का भण्डार भरा पड़ा है। सब ज्ञान तो हमारे ही भीतर होता है। ••● *“ मैं कौन हूँ ” यह जानना ही सबसे बड़ा ज्ञान है।* वह एक बार जान लिया त...
••◆ यह ध्यान पद्धति करीब ८०० साल पुरानी है। ••◆ एक ओर जहाँ संत ज्ञानेश्वरजी ने समाज में ज्ञानेश्वरी में कुण्डलिनी योग के बारे में प्रथम बार समाज को अवगत कराया। इसके पहले स...