Posts

आध्यात्मिक क्षेत्र में चित्त का महत्वपूर्ण स्थान

आध्यात्मिक क्षेत्र में चित्त का महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए चित्त-शुद्धि के लिए ही श्री गणेश को पवित्रता का प्रतीक माना गया है। आध्यत्मिक क्षेत्र में प्रथम चित्त की पवित्रता है, चित्त की शुद्धता है। यह पवित्रता चित्त को सशक्त्त करती है। और मनुष्य का भूतकाल चित्त को कमजोर करता है। और मनुष्य की आसक्त्ति चित्त को स्थिर नहीं होने देती है। इसलिए इन दोनों से बचने पर ही चित्त शुद्ध, पवित्र होकर सशक्त्त बनता है और सशक्त्त चित्त से प्रार्थना पूर्ण होती हैं। " हि. का. स. यो.(1)पेज 49H021

अपने को शांत रखने के ३ सूत्र हैं

*सब खरीदा जा सकता है , पर आत्मशांति नही । इसीलिए आपके जीवन में आत्मशांति बनाए रखो । उसे किसी कीमत पर मत गाँवाओ क्योंकि उस गँवा दिया तो सारा जीवन अशांत हो जायगा । अपने को शांत रखने के ३ सूत्र हैं ।* *१) सबको क्षमा कर दो* *२) किसी में भी आसक्ति मत रखो क्योंकि आसक्ति मन को अशांत कर देती है ।* *३) जो जीवन में परिस्थितियाँ आती हैं , उन्हें स्वीकात कर लो । उनसे  शिक्षा ग्रहण करो , आगे बढ़ो हम अगर हमारे जीवन में इन ३ सूत्रों का पालन करेंगे , तो देखोगे , हमारा चित सदैव शान्त बना रहेगा ।* *आध्यात्मिक सत्य*

The holy festival of Navratri commences

From today onwards the holy festival of Navratri commences in Kutch which is filled with greenery. This is the uniqueness of the land of Kutch that after coming here sadhaks easily reach a state of thoughtlessness.Today I experienced the reason for this - that there are less people, less inhabitants over here and hence there are fewer thoughts also in the atmosphere. The Himalayan sages and Gurus always keep looking for such uninhabited places for doing their spiritual practice. For this very reason, the Guru-Energies have selected Kutch for the 'Vishvachakra Anushthan' and this Anushthan commences from today itself. You should definitely take the benefit of the consciousness during this holy festival at Kutch Samarpan Ashram, Punadi, Kutch. The Gaadisthan has been created for those sadhaks who meditate regularly but do not achieve a meditative state; a place where one does not have to meditate, but on going there one gets a meditative state automatically. Lots of blessings to...

नवरात्री का पावन पवे प्रांरम्भ

आज से से हरे भरे कच्छ मे नवरात्री का पावन पर्व प्रांरभ हो रहा है। यह कच्छ के धरती की विषेषता है। की यहॉ आकर एक निवीेचारीता की स्थीती साधक को अनायास ही मील जाती है।आज इसका कार...

एक प्रभावशाली चित्त वाला मनुष्य

एक प्रभावशाली चित्त वाला मनुष्य मनुष्य के समाज के लिए भी कल्याणकारी होता है। ऐसे प्रभावशाली चित्त वाले व्यक्तियों को एक विशिष्ट स्थिति प्राप्त हो जाती है। इस कारण ऐसा व्यक्ति कोई भी प्रार्थना करता है, तो उस व्यक्ति की प्रार्थना शुद्ध चित्त होने के कारण परमात्मा पूर्ण करता है। ऐसे मनुष्य का परमात्मा की शक्ति पर पूर्ण विश्वास होता है। और इस सम्पूर्ण विश्वास के कारण यह व्यक्ति सकारात्मक ता से भरा हुआ होता हैं। यह मनुष्य परमात्मा के सत्य स्वरूप को जानता है, परमात्मा के सत्य स्वरूप को पहचानता है। और इसी कारण ऐसे मनुष्य की प्रार्थना मैं सम्पूर्ण विश्वास और आस्था होती हैं।       हि. का. स. यो.(1) पेज 48

गुरुशक्तीयो ने मनुष्य को मोक्ष का लक्ष दिया

गुरुशक्तीयो  ने  मनुष्य  को  मोक्ष  का  लक्ष  दिया  है  ताकि  जब  मनुष्य  समर्पण  ध्यान  की  रस्सी  से  अपनी  लक्ष  की  ओर  चढेगा , तब  भले  ही  जीवन  में  कठिनाइयों  की  हव...

जीवंत सद्गुरु

जीवंत सद्गुरु से जुड़कर , वास्तव में , हम जीवंत शक्तियों के साथ जुड़ जाएँगे। और जीवंत शक्तियाँ आज की होती है,  इसलिए आज के अनुसार ही होती है। इसी कारण उनके साथ हमारा जीवन एक प्रव...