अब आप किसी भी गुरुशक्तिधाम में जाके , किसी भी हँ, किसी भी गुरुशक्ति धाम में जाके अगर मंगलमूर्ति को साष्टांग नमस्कार करते हो तो एक अनुभूति होगी , आपके बँँकबोन (रिढ की हड्डी) से ...
जैसी स्थिति परमात्मा ने मुझे दी है ,गुरुकृपा में मुझे प्राप्त हुई है ,मेरे सरीखी स्थिति प्रत्येक मनुष्य मात्र को दे ,ऐसा संकल्प उस मूर्ति के अंदर प्रवाहित किया गया है । ...
👉🏻 પ્રકૃતિનું પોતાનું એક ચક્ર છે. અને તે ચક્ર અનુસાર સૃજન, સંગોપન (વિકાસ/પોષણ) અને સંહાર થતાં રહે છે. અને તે ચક્ર મુજબ આપણો જન્મ થાય છે, સંગોપન થાય છે, અને આપણું મૃત્યુ થાય છે. 👉...
ये स्थान आत्माओं को मोक्ष का मार्ग बताएँगे। आत्माओं के मोक्ष के मार्ग में जो भी बंधन है,वह दूर करेंगे।लेकिन यह सब बड़े सूक्ष्म रूप से घटित होगा। स्वयं उस दर्श...
*साधक:* गहन ध्यानयोग निर्गुण-निराकार है तो आप आपकी मूर्ति रूप में , सगुणरूप में क्यों स्थापित करना चाहते हैं? *स्वामीजी:* मैंने अभी आपको बताया कि हमें सेल्फिश(स्वार्थी) नहीं हो...
विश्व के कोने कोने में 'श्री गुरुशक्तिधाम' की स्थापना की जा रही है । श्री मंगलमूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा की जा रही है । परमात्मा एक ही है और वो सभी में विद्यमान है , लेकिन जब तक ह...