परमात्मा

मैंने जीवन में मेरे 'सद्गुरु' को ही परमात्मा माना । इसीलिए मैं इस 'छोटे से जीवन' में ही परमात्मा के इतने करीब पहुंच सका कि परमात्मा की खोज ही समाप्त हो गई और आत्मसमाधान प्राप्त हो गया कि मैंने 'परमात्मा' को पा लिया है ।

बाबा स्वामी
अध्यात्मिक सत्य
पन्ना क्र - १८

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