गुरुमाऊली

🦋🕉🦋

🌸।। गुरुमाऊली ।। 🌸

" कहा जाता है पक्षी के दो जन्म होते हैँ ।
एक बार अंडे के रुप मेँ जन्म और दूसरी बार अंडे मेँ सेँ बच्चे के रुप मेँ जन्म ।
इस प्रकार से पक्षी के दो जन्म होते हैँ ।

पहला , अंडे के रुप मेँ जन्म पक्षी कि माँ देती है ।
और अंडे से बाहर निकलने के लिए वह स्वयं भी प्रयास कर सकता है , करता है ।
लेकिन एक निश्चित समय-सिमा के बाद अंडे मेँ से पक्षी के रुप में दुसरा जन्म होता है ।

मनुष्य भी माँ के पेट से इस शरीररुपी अंडे मेँ जन्म लेता है और शरीररुपी अंडे मेँ हि अपना जिवन समाप्त कर देता है ।

अंडे के आवरण से बाहर ' आत्मा ' के रुप मेँ जन्म लेने के लिए फिर उसे माँ की आवश्यकता होती है ।

सद्गुरु आत्मा को जन्म देने वाली माँ है ।
इसीलिए उसे ' गुरुमाउली ' कहा गया है ।"

H.H.Swamiji.
-Spiritual Truth.
🙏जय बाबा स्वामी 🙏

Comments

Popular posts from this blog

Subtle Body (Sukshma Sharir) of Sadguru Shree Shivkrupanand Swami

Shivkrupanand Swami