विश्व में अँधेरा कंहा तक हे

विश्व में अँधेरा कंहा तक हे यह खोजने जायेंगे तो उसकी सीमा हमें कभी नहीं मिलेगी और अँधेरा खोजने में ही हमारा सारा जीवन चला जायेगा । इसलिए हमारी द्रस्टी अँधेरे पर नहीं होनी चाहिए । हम केवल अपने आसपास का अँधेरा दूर कर सकते हे । हमारे आसपास का अँधेरा दूर हो सकता हे तो केवल आत्मप्रकाश से ।
जब हमारे भीतर आत्मा की जाग्रति हो जाती हे, तो हमारी आत्मा का प्रकाश हमारे चारो और जमा हो जाता हे और अज्ञानरूपी अँधेरा स्वयं ही दूर हो जाता हे । अँधेरा दूर करने का एक ही मार्ग हे बस अपना दिया जला लो ।

🌺प.पु.श्री शिवकृपानंद स्वामीजी🌺

🌸सुप्रभात🌼

🌷आपका दिन मंगलमय हो🌷

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