बस एक गुरु सान्निध्य ही है जो प्रयत्न से प्राप्त नहि होता है

_*मनुष्य अपने प्रयत्नो से सबकुछ प्राप्त कर सकता है, बस एक गुरु सान्निध्य ही है जो प्रयत्न से प्राप्त नहि होता है। गुरु सान्निध्य केवल गुरु कृपा में ही प्राप्त होता है और गुरूकृपा कभी प्रयत्नो से नहीं होती है। गुरूकृपा वास्तव में ईश्वर की कृपा हे हो किसी माध्यम से बरसती है। *_
_* जय बाबा स्वामी*_
_*HSY 1 pg 164*_

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