जीवंत सद्गुरु

जीवंत सद्गुरु से जुड़कर , वास्तव में , हम जीवंत शक्तियों के साथ जुड़ जाएँगे। और जीवंत शक्तियाँ आज की होती है,  इसलिए आज के अनुसार ही होती है। इसी कारण उनके साथ हमारा जीवन एक प्रवाह में कब राजी-ख़ुशी से बीत गया, उसका हमें पता भी नहीं चलता है। यह सामूहिक शक्ति हमें हमारे जीवनकाल में एक सुरक्षाकवच प्रदान करती है।

हि.स.योग - ३ -३५

Comments