मूलाधार चक्र (आधार चक्र) का संबंध पृथ्वी से - १

आज का चक्र मूलाधार चक्र है।

मूलाधार चक्र को आधार चक्र भी कहते हैं। परमात्मा ने जब हमको बनाया तो हमारे चित्त को पवित्र करने के लिए, हमारे चित्त को शुद्ध करने के लिए, हमारे शरीर को पवित्र करने के लिए, हमारे शरीर को शुद्ध करने के लिए भूमि बनाई है। अगर हम भूमि के सान्निध्य में जाते हैं.. आज कल क्या होता है मालूम है, घर में हम चप्पल पहनके घूमते हैं और ऑफिस में जूते पहनके घूमते हैं। तो हमारा भूमि के साथ कुछ संबंध ही नहीं आता। तो कई बीमारियाँ केवल भूमि से संबंध तोड़ने के कारण निर्माण हुई हैं। दूसरा, आप आपका ही नहीं, आप आपके किसी रिश्तेदार को.. उसको, किसको कितनी भी बीमारी हो, कोई भी बीमारी हो उसको बोलो तू दिन भर में एक घण्टा जमीन पे बैठना चालू कर दे, उसकी बीमारियाँ आधी हो सकती हैं। क्या कारण है? कारण है - जमीन के अंदर एक गुरुत्वाकर्षण शक्ति है। वो शक्ति आपके सभी स्थिति को वो खींच लेती है, बॅलन्स कर लेती है, संतुलित कर लेती है। (Cont..)

समर्पण ग्रंथ - १४६

(समर्पण "शिर्डी" मोक्ष का द्वार है।)  पृष्ठ:८४-८५l

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