दिवाली से सुख की प्राप्ती

इस दिवाली से सुख की प्राप्ती के लिये स्वावलंबी बने तो ही जीवन मे सुख की प्राप्ती होगी हम सुख की
प्राप्ती के लिये कीसी दुसरे पर निभेर होगे तो वह स्वावलंबन नही होगा दुसरा हमे अस्थाई सुख दे सकता है स्थाई रूप से नही सपुणे सुख की प्राप्ती केवल और केवल अपने भितर से ही संभव वह है आत्मसुख वह इस दिवाली  से आप के जिवन मे प्राप्त हो यही प्रभु से प्राथेना है आप सभी को इस दिवाली पर खुब खुब आशिेवाद
                     
आपका
बाबा स्वामी
19-10-2017

Comments

Popular posts from this blog

Subtle Body (Sukshma Sharir) of Sadguru Shree Shivkrupanand Swami

Shivkrupanand Swami