ममत्व की भावना स्त्री का मूलभूत गुण होता है।

"   इस बारे में मुझे स्त्रियों अच्छी लगती हैं। उन्हें गुस्सा आता है लेकिन प्राय: किसी के प्रति वैरभाव नहीं होता है।    इसका यह भी कारण होगा क्योंकि वह माँ बनती है और ममत्व रखना उसका मूल स्वभाव है। इसलिए ममत्व की भावना स्त्री का मूलभूत गुण होता है।

आज विश्व में स्त्री को जो आदर है, वह उसके इसी गुण के कारण है। किसी  भी स्त्री को अपना यह मूलभाव कभी नहीं छोडना चाहिए क्योंकि यह भाव उसके चित्त को सदैव शुद्ध व पवित्र रखेगा।   इसलिए माँ का ह्रदय सदैव निर्मल और पवित्र होता है।

माँ प्रत्येक मनुष्य की जड होती है। यह शायद इसलिए भी होगा क्योंकि उसे प्रथम जो सानिध्य मिलता है,  वह माँ का ही होता है।  और यह गर्भ में अनुभव किया गया भाव प्रत्येक मनुष्य के अंतर्मन मैं, वह पुरुष हो या स्त्री हो, जीवनभर रहता ही है।  मनुष्य अपने पिता को भूल सकता है पर माँ को नहीं!  प्रत्येक मनुष्य का सबसे पुराना रिस्ता माँ के साथ का ही होता हैं।

हि.स.योग,४, पेज. ३६३

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