माता -पिता
माता -पिता उम्र के हर दौर में , हर पड़ाव पर हमारे पथप्रदर्शक होते है । हम कई बार उनकी इन छोटी -छोटी बातों पर ध्यान नही देते किंतु ये बाते उनकी अनुभव की खान से निकले हुए रत्न है जिन्हे सहेजकर -सँभालकर रखा जाना चाहिए ।
प्रेरक प्रसंग
पूज्या गुरु माँ
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