सहनशीलता
मनुष्य को सहनशीलता एक सशक्त आत्मा की देन है । सहनशीलता एक ऐसी शक्ति है जो ध्यान करने से मनुष्य के भीतर ही विकसित होती है । प्रत्तेक मनुष्य को यह स्वयं विकसित करनी पड़ती है । इसे बाहर प्राप्त नही किया जा सकता है । जो वृक्ष सहनशील होते है , वे ही वृक्ष बड़े से बड़े तूफान को भी सहन कर सकते है और बड़े से बड़े तूफान मे अपना अस्तित्व बचाकर रखनें में सफल हो जाते है ।
ही .का .स .योग
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