शरीर सदैव अपना बोध कराते ही रहता है |

शरीर  सदैव अपना बोध कराते ही रहता है | उस शरीर बोध पर नियंत्रण पाना बड़ा कठिन है, पर अभ्यास से हो सकता है, परमात्मा की भी एक निश्चित योजना होती है | वह उस क्षण से पहले कुछ नहीं देता है | उस क्षण का इंतज़ार कर |

हि.स.यो १/३५०

Comments

Popular posts from this blog

Subtle Body (Sukshma Sharir) of Sadguru Shree Shivkrupanand Swami

Shivkrupanand Swami