सुबह का ध्यान

सुबह का ध्यान हमारी आध्यात्मिक प्रगति करता है या ये समजे की सुबह ध्यान करके हम शक्तीयाँ  प्राप्त करते है। और शाम को ध्यान करके हम शक्तीयाँ बाँटते है, शाम का ध्यान सामूहिकता में करेंगे तो आपके माध्यम से दान होगा और जो आपके हाथ से दान होगा, आपका वही वृद्धिगत होगा। आप अगर आम के पेड़ लगाओगे तो आम ही लगेंगे। आप जो पेड़ लगाओगे वही लगेगा। ये प्रकृति का नियम है। मनुष्य जो प्राप्त करता है, वह बाँटता नही है।

HSY - 6/ 272

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