दान

दान  का  अर्थ  भी  देना , सोँपना  ही  होता  है  बल्कि  संपूर्ण  रूप  से  सोँपना , पूर्ण  विश्वास  के  साथ  सोँपना  और  निश्चिंत  हो  जाना ।दान  तभी  पूर्ण  होता  है  जब  देने  वाले  के  मन  में  शंका -कुशँका  न  हो ।

परम पूज्या गुरु माँ
  ।। माँ ।।
   पुष्प --१--

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