आशीर्वाद , चैतन्य सभी माँगने पर ही मिलते है ।

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" बेटा , प्रकृति  का  नियम  है --- कचरा , धूल , मिट्टी  अपने -आप  आ  जाता  है  पर  अच्छी  वस्तुएँ , आशीर्वाद , चैतन्य  सभी  माँगने  पर  ही  मिलते  है । जैसे  मै  लड्डू  या  गुलाबजामुन  बनाती  हूँ , तब  एक -एक  तुम  सबको  देती  हूँ । किंतु  अधिक  चाहिए  तो  तुम  मुझसे  माँगते  हो  तभी  मै  देती  हूँ । वैसे  ही  प्रकृति  से  प्रार्थना  करते  है  तभी  हमे  दिव्य  चैतन्य  प्राप्त  होता  है ।"...
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  वंदनिय गुरुमाँ
🌸॥ माँ ॥🌸
      पुष्प २
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🙏जय बाबा स्वामी 🙏

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