स्त्री का प्रेम तथा उसका समर्पण उसकी कमजोरी नही ,
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स्त्री का प्रेम तथा उसका समर्पण उसकी कमजोरी नही , उसकी शक्ति होती है । जैसे लताएँ वृक्ष के सहारे ऊपर चढति है । वृक्ष ही लता को सँबहालता है किंतु आँधी आने पर लताएँ वृक्ष को बाँधे रखती है , उसे उसिके स्थान पर स्थिर रहने में सहायता प्रदान करती है । जब भी दुष्ट लोग स्त्री के समक्ष स्वयं को दुर्बल महसूस करते है , तब वें उस स्त्री का चरित्र हनन करने का प्रयास करते है ।
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आदिशक्ती गुरु माँ
🌸।। माँ ।।🌸
पुष्प २ -
🙏।।जय बाबा स्वामी ।।🙏
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