हमारा चित्त इतना बाहर है की क्या मिला उसका एहसास ही नही होता
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हमारा चित्त इतना बाहर है की क्या मिला उसका एहसास ही नही होता । जो मिला है उसका अनुभव शारीरिक स्तर पर नही किया जा सकता क्यों की ऐसी अनुभूति पहले शरीर को कभी हुई ही नही है । शरीर के स्तर पर , बुद्धि के स्तर इस अनुभूति को समझा नही जा सकता , इसे सिर्फ आत्मिक स्तर पर अनुभव किया जा सकता है ।
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परमपूज्य गुरुमाऊली
[ आध्यात्मिक सत्य ]
🙏।।जय बाबा स्वामी ।।🙏
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