सदगुरु के रूप को ध्यान में रख


मैने माँ से कहा , " अब कुछ नही , तू मेरे पूर्वजन्म के रूप को ही ध्यान में ले क्यों की इस जन्म में मै तेरा पुत्र हूँ । यह शरीर का रिश्ता भी आड़े नही आए , इसलिए तू उसी सदगुरु के रूप को ध्यान में रख ।.. "
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परम पूज्य गुरुदेव
ही .का .स .योग ...
भाग:- ५- -पृष्ठ २४९
🙏।।जय बाबा स्वामी ।।

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