युवावर्ग

बडोके पास भुलाने के लिए जीवन के कई कटु अनुभव होते है जिसके लिए काफी प्रयास करने पड़ते है। और युवाओके पास भुलाने के लिए कुछ होता ही नही है। युवावर्ग को बस अपने चित्त को संभालना चाहिए कि चित्तमें कोई बुरे अनुभव ना आ जाए। बुरे अनुभवो को किनारे करके आगे बढ़ना होंगा, न कि बुरे अनुभवो को बार बार याद करके चित्त को दूषित करना है ।

 आध्यात्मिक सत्य
 समर्पण ध्यान का मिशन
 page no. 92.

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