Aneri:
_*जीवंत गुरु एक साक्षात अनुभूति होता है। पर केवल जागृत आत्मा वह अनुभूति ले पाती है, बाक़ी लोग तो उसका सान्निध्य पाकर भी अनुभूति नहीं ले पाते है। क्यूँकि उनका ध्यान उस चैतन्य पर होता ही नहीं है। *_
_*जय बाबा स्वामी*_
🍁🙏🏻🍁
_*HSY 3 pg 131*_
Aneri:
_*जीवंत गुरु एक साक्षात अनुभूति होता है। पर केवल जागृत आत्मा वह अनुभूति ले पाती है, बाक़ी लोग तो उसका सान्निध्य पाकर भी अनुभूति नहीं ले पाते है। क्यूँकि उनका ध्यान उस चैतन्य पर होता ही नहीं है। *_
_*जय बाबा स्वामी*_
🍁🙏🏻🍁
_*HSY 3 pg 131*_
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