Aneri:
_*गुरु गुरूकार्य के रूप में कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा। गुरुकार्य के रूप में गुरु सदैव जीवित रहता है। उसके कार्य में योगदान देना, उसका कार्य बढाना ही सही अर्थ में गुरुदक्षिणा देना है। *_
_* जय बाबा स्वामी*_
🍁🙏🏻🍁
_*HSY 3 pg 89*_

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