मनुष्य को सुधारने का एक ही मार्ग है - आत्मजागृति

आत्मा गुरु हो जाए तो मनुष्य को बाहरी तौर पर ज्ञान देने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी | मनुष्य को सुधारने का एक ही मार्ग है - आत्मजागृति* | क्योंकि उसके बिना सब व्यर्थ जान पड़ता है |

-हि.स.यो-४| पृ-३४७

Comments

Popular posts from this blog

Subtle Body (Sukshma Sharir) of Sadguru Shree Shivkrupanand Swami

Shivkrupanand Swami