आप के हाथ में आपका भविष्य है। आप जो समजोगे वो होगा
आप के हाथ में आपका भविष्य है। आप जो समजोगे वो होगा। आपने अपने आपको शरीर समजा तो शरीर की टेंशन्स, शरीर की बीमारिया, शरीर के तनाव सारे शरीर के दोष आपको तीव्रता के साथ महसूस होंगे और आपने अपने आपको अगर आत्मा समजा तो इन सब से आप मुक्त हो जाओगे।
ध्यान ध्यान कुछ नहीं है हम जो अपने जीवन में शरीर को प्रधानता देके जीवन जी रहे है ना इसी जीवनशैली को बदलना है, चेंज करना है। आत्मा को प्रधानता देके जिना है। जब हम हमारे जीवन में आत्मा को प्रधानता देंगे ना तो आत्मा ही परमात्मा का रूप है तो हमारे हाथ से कोई बुरा कार्य ही नहीं होगा। हम करना चाहे तो भी नहीं होगा।
लेकिन जैसे जैस हम हमारे भीतर के आत्मभाव को बढाते जाएंगे वैसे वैसे शरीर का भाव कम होते जाएगा।
शिर्डी महाशिबिर day 5
"मैं शरीर नहीं हूँ,
मैं एक पवित्र आत्मा हूँ,
में एक शुध्ध आत्मा हूँ |
मैं शरीर नहीं हूँ, में परमात्मा का एक पवित्र अंश हूँ |"
ऐसा अभ्यास कर आत्मा जब अपने शरीर पर नियंत्रण करेगा, तब धीरे-धीरे शरीर को स्वयं का एहसास कम होगा और आत्मा का एहसास अधिक होगा | और जैसे-जैसे शरीर का एहसास कम होगा, शरीर की समस्याएँ भी कम होगीं |
शरीर का एहसास है, इसलिए ही शरीर की समस्या है |
-हि.स.यो-४
Comments
Post a Comment