बाहरी धर्म

बाहरी धर्म प्रत्येक मनुष्य के जन्म के साथ बदलते रहते हे। केवल मनुष्य धर्म ही एक ऐसा धर्म हर , जो मनुष्य के प्रत्येक जन्म में साथ रहता हे। ईसीलिए मनुष्य धर्म ही प्रकृतिक धर्म हे और यही शाश्वत धर्म हे। 

- HSY 1 pg 157

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