चित्तशक्ति

चित्तशक्ति चन्द्र के समान है चाँदनी रात में चाँद दुःखी आदमी को और दुःखी ! और प्रसन्न आदमी को अधिक प्रसन्न कर देता है । वास्तव में,चंद्र स्वयं कुछ भी नही करता,वह हमारे "भाव" को वृद्धिगत कर देता है।ठीक इसी प्रकार का कार्य चित्तशक्ति का होता है।आप जो सोचोगे वह उसे ही पूर्ण करेगी।इसलिए सदा ही अच्छा सोचो,सकारात्मक सोचो,सकारात्मक सोचो तो जीवन में भी सब अछा और "मंगल " ही होगा । . . .

आपका
बाबा स्वामी

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