आध्यात्मिक प्रगति का रहस्य

      मै जीवन में जो आध्यात्मिक प्रगति कर सका ,उसका "रहस्य "आज आपको बताता हुँ । मैंने  गुरु को "गुरु "नही "भगवान "माना है भगवान मानना आत्मा की ग्रहण करने की "सर्वोच्च स्थिति है । अपने गुरुओं को भगवान मानने से मेरी ग्रहण करने की "क्षमता "अधिक बढ़ गई और मैने , भगवान को प्राप्त् कर लिया , यह "आत्मिक समाधान"भी जीवन में प्राप्त् हो गया । आध्यात्मिक जीवन में आत्मिक समाधान प्राप्त् होना अत्यंत आवश्यक है ।

सद्गुरु के र्हदय से ...

Comments

Popular posts from this blog

Subtle Body (Sukshma Sharir) of Sadguru Shree Shivkrupanand Swami

Shivkrupanand Swami