मोक्ष पाने का अवसर

परमात्मा  हमें बार-बार शरीर देखकर,मोक्ष पाने का अवसर प्रदान करता रहता है, और हम अपने कर्मों को नष्ट करने में ही, जन्म बिता देते हैं। हमारे जन्म का उद्देश्य ही निष्काम कर्म करना है। हम  जन्म तो, इसी उद्देश्य को सामने रखकर लेते हैं.., लेकिन जन्म लेने के बाद, यही बात,  हम भूल जाते हैं, इसलिए जीवन में सानिध्य  बड़ा महत्वपूर्ण है..। हम कहां रहे,.. इससे अधिक महत्वपूर्ण है... कि हम किस के साथ रहे... क्योंकि हम, जिन लोगों के साथ रहते हैं.., उन लोगों के सानिध्य का प्रभाव, हमारे विचार पर भी पड़ता है, और हम जैसे विचार करते हैं.., वैसे ही कर्म, हमारे हाथ से होने प्रारंभ हो जाते हैं। इसलिए जीवन में हमें, किसका सानिध्य मिला, वही सबसे महत्वपूर्ण है"

हिमालय का समर्पण योग २

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