श्रीमती लक्ष्मीबहन फूंकन
श्रीमती लक्ष्मीबहन फूंकन एक वुद्ध महिला थीं जो इस आश्रम का संचालन कर रही थीं। इस महिला का बड़ा ही अच्छा आभ्समण्डल था। दुबली-पतली काया , एकदम गौरवर्ण और शांत स्वभाव की महिला थी । मेरा पत्रव्यव्हार उनसे चलता था। मिला मैं प्रथमबार ही था। चीन युद्ध के बाद हमारी चीन से भी मैत्री हो , इस पवित्र भावना के साथ इस आश्रम की स्थापना की गई थी। छुट्टियाँ थी इसलिए मैं अपने बड़े लड़के अनुराग को भी साथ लेकर आया था। वह जो रोज सुबह गायब होता था , तो शाम को ही मिलता था । मुझे तो आश्रम की सारी जानकारी उसी से मिलती क्योंकि मैं तो दिनभर शिबिर में ही रहता था।
भाग - ६ - १४१
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