गुरु के प्रति समर्पण का भाव

गुरु के प्रति समर्पण का भाव केवल झुकने से ही निर्मित हो जाता है, बशर्ते झुकना शारीरिक न होकर भीतर से होना चाहिए।

HSY 1 pg 200

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