गुरुचरणों में संपूर्ण समर्पण

सत्य  को  प्राप्त  करते  हुए  यदि  उस  अंतिम  लक्ष  तक  पहुँचना  है  तो  केवल  ऐक  ही  मार्ग  है --गुरुचरणों  में  संपूर्ण  समर्पण । समर्पण  के  बिना  कुछ  भी  नही । प्रत्तेक  क्षण , प्रत्तेक  भाव , प्रत्तेक  व्यक्ति , प्रत्तेक  कर्म , प्रत्तेक  विचार , प्रत्तेक  शब्द , प्रत्तेक  ध्वनि , प्रत्तेक  मौन  सब  गुरुचरणों  में  समर्पित । प्रत्तेक  आत्मा  गुरुचरणों  में  समर्पित  हो । इसी  शुद्ध  इच्छा  के  साथ  जय  बाबा  स्वामी । नमस्कार ...

      वंदनिय गुरुमाँ
        गुरुपुर्णिमा
          २०१४
           

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