क्षमाभावना में कमी होना

आजकल दैनिक जीवन में छोटी-छोटी घटनाएँ होती है। उसीको अपनी आज्ञा (आज्ञा चक्र) में पकड़कर बैठ जाते है। यही कारण है -- आजकल युवा वर्ग का 'आज्ञा चक्र' पकड़ा ही रहता है। क्षमा करना एक भाव है। अगर आपका भावपक्ष कमजोर है तो आप किसी को 'क्षमा' नहीं कर पाएँगे। कमजोर मनुष्य कभी किसी को 'क्षमा' नहीं कर पाता है। यही कारण है- युवा वर्ग में भी 'ब्लड प्रेशर' (रक्तचाप) की बीमारी हो रही है।

-- सद्गुरू के हृदय से, पृष्ठ:५१

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