अनुभूति प्राप्त होना गुरु की कृपा में होता है।
अनुभूति प्राप्त होना गुरु की कृपा में होता है। और उसी कृपा रूपी लहर को पकड़े रखना ही जीवन में कठिन होता है। क्यूँकि कृपा पाना क्षणभर की बात है, लेकिन उस कृपा को बनाए रखना सारे जीवनभर की साधना होती है।
बाबा स्वामी
HSY 1 pg 170
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