मैं कोई विशेष पुण्यात्मा हूँ

"मैं कोई विशेष पुण्यात्मा हूँ "इसलिए ऐसा गुरुदेव की सेवा का अवसर मुझे मिल रहा है ,ऐसा सोचकर "मैं "का अहंकार किया तो भविष्य में कभी अवसर नही मिलता है । जब भी कभी अवसर मिले तो वह सद्गुरु की करुणाका ही फल है ,यह समझकर करुणा को पकड़ना चाहिए क्योंकी उसके माध्यम से ही यह अवसर मिला है और उसके माध्यम से ही अगला अवसर भी मिलेगा । यह सब मैं अपने अनुभव के ,ज्ञान के आधार पर बता रहा हूँ । तुम्हे तुम्हारे जीवन ,तुम्हारे समय की परिस्थिति के आधार पर अनुभव आएँगे । अनुभव ,अनुभूतियाँ सदैव समय व परिस्थिति के अनुसार अलग -अलग होती रहती है । तुम्हे तुम्हारे अलग अनुभव आएँगे ।

पूज्य बाबास्वामीजी
ही.का.स.योग.--1/175

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