विचार अप्राकृतिक होता है।
विचार अप्राकृतिक होता है। विचार करके हम प्रकृति से दूर चले जाते है। इसीलिए प्रकृति के सानिध्य में विचार समाप्त हो जाते है। हम प्रकृति के जितने सानिध्य में रहेंगे,उससे हम उतने ही परमात्मा के सानिध्य में रहेंगे।
परम पूज्य स्वामीजी ..
ही.का.स.योग.1/210
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