परमात्मा ही सबकी माँ है।

परमात्मा ही सबकी माँ है। और माँ जब सभी बच्चोंसे बात करना चाहे तो उसकी एक ही भाषा होगी। वह चैतन्य की भाषा है। वह सब मनुष्यओंको मालूम है, पता है। पर सब अती विचार करके भूल गये है।
     
हि. स. यो. 1

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