गुरु अर्थात हमारी आत्मा
गुरु अर्थात हमारी आत्मा । और गुरुओं के गुरु अर्थात हमारे सद्गुरु । गुरु के चरणों में समर्पित रहते हुए हमारा प्रत्तेक क्षण जब बीतेगा तो जीवन का वो अंतिम क्षण हमे कभी भी पथभ्रष्ट नही करेगा । हम कभी भी अपने पथ से भटकेंगे नही । मुख्य मार्ग पर तो हम है , कितु हमारे उस अंतिम लक्ष्य तक पहुँचने का मार्ग केवल और केवल आत्मा को ही पता है , आत्मा ही जानती है , आत्मा को ही बढ़ना है , आत्मा ही बढ़ रही है और उस अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करेगी । आत्मा हमारी गुरु है ।
पूज्या गुरु माँ
8 जुलाई 2017
पुनडि , [ कच्छ ]
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