आत्मा की पवित्र का , शुद्धता का एक स्तर
आत्मा की पवित्र का , शुद्धता का एक स्तर है --- आत्मा का गुरु बनना। बाद में तो परमात्मा के सारे संदेश इस आत्मा के माध्यम से आपको मिलना प्रारंभ हो जाएँगे। फिर जीवन की समस्याओं का निदान हमें बहार खोजना नहीं पड़ेगा। आपको मेरे पास समस्या लेकर आने की भी आवश्यकता नहीं होगी। आपके जीवन की सभी समस्याओं का निदान आपको आपके भितर ही प्राप्त हो आएगा। आप आत्मनिर्भर हो जाओगे। आपको अन्य किसीका सहारा लेने की आवश्यकता नहीं होगी।आप सशक्त्त बनो , आप स्वावलंबी बनो , आप आत्मनिर्भर बनो यही मेरा प्रयास है।
भाग -६ -- ४८
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