गुरुदेव की पाठशाला
* हर क्लास के बच्चे जब भी , नए क्लास में जाते हैं अपने-अपने टीचर से वे होमवर्क घर लाते हैं ।
* दिनभर पढें क्लास के अंदर घर भी ना छूट उन्हें पढ़ो-पढ़ो और सिर्फ पढ़ो बस केवल मिलती सीख उन्हें ।
* क्या बनेंगे पढ़-लिखकर के जरा भी इसका ज्ञान नहीं जीवन में है आगे क्या करना किसी को इसका भान नहीं ।
* गुरुदेव की है पाठशाला ऐसी जिसमें ना कोई फीस लगे शांतप्रिय औ सरल हो जीवन अंदर से अपनी प्रीति जगे ।
* आत्मज्ञान विकसित हो सबका सोई आत्मा जग जाए छूट सके चिंता भविष्य की अंदर से डर भग जाए ।
* तीस मिनट बस ध्यान है करना कितनी सरल पढ़ाई है सारा ज्ञान पाएँ घर बैठे ना कोई बड़ी चढ़ाई है ।
* हे! गुरुवर , हे! बाबा स्वामी , हम सब को ऐसा वर दो नियमित ध्यान सभी कर पाएँ , शक्त्तिपात ऐसा कर दो ।
डॉ. ईशनाथ सिंह , वसई
मधुचैतन्य
Sep-Oct , 2017
Pg.57
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