जीवन के भूतकाल का ज़हर हमे ध्यान करके निकालना पड़ता है ।
जीवन के भूतकाल का ज़हर हमे ध्यान करके निकालना पड़ता है । अमृत ग्रहण नही करना पड़ता । अमृत ग्रहण करने के लिए सुपात्र योग्यता ही निर्माण करनी पड़ती है । अमृत तो स्वयं ही आ जाता है । इस रहस्य को जिसने समझ लिया , वही व्यक्ति अपने जीवन में सफलता पा सकता है ।
[ पूज्य गुरुदेव ]
॥ आध्यात्मिक सत्य ॥
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