वासना से मुक्ति का साधन

"वासना से मुक्ति का साधन है - एक तो उसे भोग लो ताकि उसमे चित्त कभी जाए ही नहीं और उसे भोगकर उससे बाहर आ जाओ 'या' आत्मज्ञान से वासना को जान लो | -- क्योंकि वासना को जान लेने के बाद आपको यह एहसास हो जाता है की इसमें शाश्वत सुख है ही नहीं , यह तो शरीर सुख है - क्षणभर का | फिर आप शाश्वत सुख की खोज में आगे बढ़ जाते हैं ,और वासना छूट जाती है | "

हि.स.यो.१/१९२

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