सदगुरु सदैव आत्म्स्वरूप की स्थिति में रहते है।

सदगुरु  सदैव आत्म्स्वरूप की स्थिति में रहते है। उनके जैसी स्थिति हमें भी पानी होगी तो हमें उनके साथ चित से जुड़ना होगा।

जय बाबा स्वामी
HSY 4 pg 139

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