स्वाईन फ्यु
बरसात का मौसम और स्वाईन फ्यु की बीमारी को देखते हुये सभी आश्रमो मे सुबह और शाम को अजबाईन और कपुर डालकर धुनी नीयमीत रुप से की जाय और जहॉ बाहर से साधको का आने और जाने का मागे है वहॉ भी नीयमीत रुप से गौमुत्र के पानी मे मीलाकर स्पे कीया जाय और कीचन और खानपान मे वीषेष रुम से साफ सफाई रखी जाय
बाबा स्वामी
२२/८/२०१७
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