सबसे अधिक प्रदूषण नकारात्मक वीचारोसे उत्पन्न कर रहा है
सबसे अधिक प्रदूषण नकारात्मक वीचारोसे उत्पन्न कर रहा है और ईसी वैचारिक प्रदुषण से पृथ्वी का आभामंडल प्रभावित हो रहा है । समाज मे यह वैचारिक प्रदुषण बडी अधीक मात्रा मे फैल रहा है । उससे आत्मा की शुध्दता प्रभावित हो हो रही है । आत्मतव प्रभावित हो रहा है । आत्मतत्व अशक्त हो रहा है । और यह स्थिति आत्मा की प्रगति के लिए बाधक सिध्द हो रही है । मनुष्यता ही नष्ट हो रही है क्योंकि मनुष्य की मनुष्यता ही मुख्य तत्व है । वही नष्ट हो गयी, तो मनुष्य के अपने अस्तित्व के लिए ही खतरा नीमाॅण होनेवाला है ।मनुष्य के लिए मनुष्य से सबसे बडा खतरा इस दुनिया मे नही। मनुष्य मनुष्य के लिए भी खतरा है और मनुष्य प्रकृति के लिए भी खतरा बना है ।भविष्य मे प्राकृतिक विपदाए आने के आसार अधिक लगते है क्योंकि प्राकृतिक संतुलन बीगड जाने के पर ऐसे ही परिणाम अपेक्षित है
हिमालय का समर्पण योग -1
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