सभी आत्माएँ एक ही है। सिर्फ कीसीका शरीरभाव जादा होता है आत्मभाव कम होता है
सभी आत्माएँ एक ही है। सिर्फ कीसीका शरीरभाव जादा होता है आत्मभाव कम होता है , कीसीका आत्मभाव जादा होता है शरीरभाव कम होता है। और ये शरीरभाव जादा होने के कारण शरीर के दोष और बीमारियाँ हम पर हवी हो जाते है। सारी समस्याएँ शरीर तक आकर सिमिट जाती है। आपकी आत्मा को अच्छी पवित्र आत्माओँ के सानिध्य में ले जाने से आपकी आत्मा स्ट्रॉंग होगी, और उसी आत्मा का नियंत्रण आपके शरीर पर हो जाएगा।
[ परम पूज्य गुरुदेव ]
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