आत्मसुख संदेश [ 8/ 2 /2013 ] के कुछ अंश

  • संपूर्ण सकारात्मक विष्वचेतना का नाम ही "परमात्मा "है । 
  • मनुष्य जन्म लेते समय , शरीर धारण करते समय "आत्मा  "  "कुंडलिनी शक्ति "और "सूक्ष्म शरीर "लेकर यात्रा करता है । 
  • सद्गुरु के जीवन का एक एक क्षण और आपके जीवन का एक एक क्षण बहुमूल्य है , वह क्षण वापस कभी नही आयेगा इसलिए जागो . . . 


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