आपके तो बहोत से गुरू है तो आप किसके चरण पर चित्त रखते है?
" आपके तो बहोत से गुरू है तो आप किसके चरण पर चित्त रखते है?
" मैने कहा, "मेरे लिए श्री शिवबाबा ही गुरू है । मै उनके ही चरणों पर चित्त रखता हू । बाकी सभी गुरू तो मुझे उन चरणों पर चित्त रखने से ही मिले है । लक्ष्मी बहन, चरण भी कल्पना ही है । वास्तव मे , आप जिसे परमात्मा मानते हो , वह स्थान तो सहस्रार चक्र ही है । और किसी से भी सव॔स्व ग्रहण करना हो तो अपनी ग्रहण करने की क्षमता बढाने के लिए हमे उस माध्यम के चरण पर ही चित्त रखना होता है।"
ही.मा.स.भा 6
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