गुरुशक्तियों का शुद्ध और पवित्र एहसास का सानिध्य

 गुरुशक्तियों का शुद्ध और पवित्र एहसास का सानिध्य सदैव और सतत अनुभव हो इसी के लिए यह गहन ध्यान अनुष्ठान का आयोजन गुरुशक्तियों ने किया है लेकिन उसके लिए हमें भी अपने चित्त को शुद्ध और पवित्र रखना होगा । और यह तभी रहेगा जब आप ४५ दिन के अनुष्ठान में दूसरों में चित्त नही डालेंगे , पुराने विचार नही करेँगे , भविष्य की चिन्ता नही कर्रेँगे । इन 45 दिनों में आपका ध्यान केवल गुरुचरनों पर ही होगा और सतत और सदैव रहेगा । 

बाबा स्वामी
6/1/2012
       

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